"हिंदुस्तान से दरख़्वास्त आई थी कि हिंदुस्तान के वज़ीर-ए-आज़म नरेंद्र मोदी पाकि स्तान के एयर स्पेस से होकर जाना चाह रहे थे. कश्मीर के हालात को देखते हुए हमने फ़ैसला किया है कि हम इसकी इजाज़त नहीं देंगे." ये पाकिस् तानी विदेश मंत्री शाह महमूद क़ु रैशी के शब्द हैं. जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा दे ने वाले अनुच्छेद-370 के हटाए जाने के फ़ैसले के बाद से पाकिस्तान अपना विरोध जताने के लिए अलग-अलग तरीके अपना रहा है. भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पाकिस्तान के वायुक्षेत्र से गुज़रने की अनुमति न देना भी इसी कड़ी का एक हिस्सा है. इससे पहले पाकिस्तान ने भारतीय राष्ट् रपति रामनाथ कोविंद के हवाई जहाज़ को भी अपने एयरस्पेस में प्रवेश की अनुमति नहीं दी थी. भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने पा किस्तान के इस क़दम की निंदा की है और कहा है कि पाकिस्तान को इस पर दोबारा विचार करने को कहा है. प्रधानमंत्री मोदी 21 सितंबर को अमरीका की यात्रा पर जा रहे हैं, वहां वह 22 सितंबर को ह्यूस्टन में 'हाउडी मोदी' कार्यक्रम में शामिल होंगे. इन सबके बीच एक अहम सवाल ये है कि...
उनकी परेशानी विधानसभा चुनाव को लेकर ज़्यादा है. महाराष्ट्र में इस साल के आख़िर में और बिहार में फ़रवरी, 2020 में चुनाव होना है. पिछले चुनाव में बीजेपी ने शिवसेना से गठबंध न तोड़कर अकेले चुनाव लड़ा और प्रदेश की सबसे बड़ी पार्टी बन गई. ठाकरे को डर है कि बीजेपी को अकेले ही लोकसभा में बहुमत मिल गया तो विधानसभा चुनाव में उनकी सौदे बाज़ी की ताक़त घट जाएगी. नीतीश कुमार उद्धव से ज़्यादा परेशान हैं. लो कसभा चुनाव में दबाव डालकर वे बी जेपी के बराबर सीटें लेने में कामयाब रहे. पर वि धानसभा चुनाव में दबाव डालने की स्थिति में बीजेपी होगी. नीतीश की केवल यही समस्या नहीं है. दरअसल, रहीम का दोहा, 'रहिमन धागा प्रेम का मत तोड़ों चटकाय, टूटे से फिर ना जुड़े जुड़े गांठ पड़ जाय.' उन पर चरितार्थ हो रहा है. साल 2017 में एनडीए में वापस आने के बाद उन्हें महसूस हो रहा है कि दोनों के संबंधों में गांठ तो पड़ गई है. दूसरे जब वे बीजेपी का साथ छो ड़कर गए थे तो वह अटल-आड वाणी की पार्टी थी. जब वो लौटे तो बीजेपी मोदी और शाह की पार्टी है. उन्हें ल ग रहा है कि एनडीए में उनका पहले जैसा रुतबा नहीं ह...